संवाददाता; सगीर अंसारी
मुंबई:सेंट्रल साइबर पुलिस ने एक 46 वर्षीय होटल कर्मचारी को ऑनलाइन धोखाधड़ी योजना में सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फर शेख ने एक अन्य धोखेबाज को जो मुख्य आरोपी हैं को अपने बैंक खाते का उपयोग करने की अनुमति दी थी जिसने एक व्यापारी से 45 लाख रुपये धोकाधड़ी से प्राप्त किए थे। फिलहाल शेख हिरासत में है व मुख्य आरोपी फरार है।
यह घोटाला अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था जब एक व्यवसायी को ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग कर्मचारी के रूप में प्रस्तुत करने वाली एक महिला प्रेषक से एक व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ। महिला ने उसे पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शेख ने व्यवसायी को शेयर ट्रेडिंग पर चर्चा करने वाले एक टेलीग्राम समूह में जोड़ाने के लिए एक लिंक व लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्रदान किया।
व्यवसायी को शुरुआत में 'लाभ' के रूप में 56,000 रुपये मिले जिससे आगे निवेश को प्रोत्साहन मिला। इससे व्यवसायी के खाते में शुरुआती निवेश और फर्जी मुनाफे को मिलाकर कुल 85 लाख रुपये जमा हो गए।
अपनी कमाई निकालने का प्रयास करते समय व्यवसायी को बाधाओं का सामना करना पड़ा और मुनाफे के लिए अतिरिक्त भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अपने डिजिटल वॉलेट को प्रदर्शित करने वाले ऑनलाइन पोर्टल के गायब हो जाने के बाद व उन्हें टेलीग्राम समूह से हटा दिए जाने के बाद जब उन्हे गड़बड़ी का संदेह हुए तो पुलिस से संपर्क किया।
जांच में शेख की गिरफ्तारी हुई जिसने अपना फोन बंद कर दिया था और अधिकारियों से बचने के लिए कहीं और चला गया था। पुलिस ने खुलासा किया कि जालसाजों ने शेख के बैंक खाते का इस्तेमाल 2 लाख रुपये प्राप्त करने के लिए किया था और अन्य लोगों के पांच और बैंक खाते इस घोटाले में शामिल थे जिनमें सामूहिक रूप से 10 लाख रुपये थे। सभी छह खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।
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